उदयपुर. नारायण सेवा संस्थान की ओर से 8 और 9 फरवरी, 2020 को उदयपुर, राजस्थान में 34 वें सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 51 दिव्यांग और अभावग्रस्त जोड़े एक नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। दो दिनों का समारोह बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाएगा, जहां युवा जोड़े पारंपरिक संस्कारों के साथ अपने जीवन के नए चरण की शुरुआत करेंगे। रॉयल मास वेडिंग के आयोजन का मुख्य उद्देश्य दहेज प्रथा को ना कहना है।
नारायण सेवा संस्थान ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक 2051 से अधिक दिव्यांग और अभावग्रस्त दंपतियों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास किया है और आज वे अपने बच्चों के साथ एक खुशहाल जीवन जी रहे हैं। पूर्व में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों के दौरान अनेक निराश्रित परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच एक नए और खुशहाल जीवन की उम्मीदों के साथ अपनी लड़कियों के हाथ पीले किए।
8 और 9 फरवरी, 2020 को होनेे वाले इस भव्य विवाह समारोह में 51 जोड़ों का विवाह होगा और इस दौरान वे सभी महत्वपूर्ण संस्कार पूरे किए जाएंगे, जिनकी पालना आम तौर पर भारतीय विवाह समारोहों में की जाती है। इस दौरान सब कुछ बड़े पैमाने पर होगा- जैसे वीडियोग्राफी, शादी के फोटो शूट, संगीत के साथ बारात का नाच-गाना, वगैरह। इन सभी रस्मों में परिवार के सदस्यों के साथ साधक और प्रतिष्ठित अतिथि भी शामिल होंगे।
नारायण सेवा संस्थान के प्रेसीडेंट प्रशांत अग्रवाल कहते हैं, ‘‘रॉयल सामूहिक विवाह समारोह दरअसल समाज के हाशिए वाले तब के को मुख्य धारा में लाने के लिए एक ऐसा प्रयास है, जो ऐेसे लोगों को सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास प्रदान करता है और एक नए जीवन की शुरुआत करने के लिए उन्हें भरपूर सपोर्ट प्रदान करता है। नारायण सेवा संस्थान उन्हें अपने जीवन की गाड़ी को सुगमतापूर्वक चलाने के लिए कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा और भविष्य में बेहतर जीवन जीने के लिए उन्हें अधिक रोजगारपरक बनाएगा।